सहारनपुर : पहाड़ों और मैदानी इलाकों में पिछले 30 घण्टों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते हथनीकुंड बैराज में क्षमता से ज्यादा पानी जमा होने पर 3 सोमवार की सुबह 3 लाख 29 हजार क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया है। जिससे यमुना नदी किनारे वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। जिसके चलते यमुना का पानी थाना गंगोह इलाके के लखनौती में हरियाणा को जोड़ने मुख्य मार्ग पर आ गया है। रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने आवाजाही रोक दी है। यमुना नदी से बाहर आए पानी की वज़ह से आसपास के गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है।
ग्रामीणों ने सोमवार की रात जाग कर गुजारनी पडी। हज़ारों बीघा किसानों की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। जानकारों की माने तो हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया यह पानी दिल्ली एनसीआर के लिए खटरा बना हुआ है। अगले 24 घंटे में दिल्ली पहुंच जाएगा। जिससे निचले इलाकों में यमुना का पानी तबाही मचा सकता है। हथनीकुंड बैराज से हाई फ्लड की पहले से घोषणा की हुई है।
मौसम विभाग की माने तो इस बार अगस्त माह में हुई बरसात ने पिछले 10 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। अगस्त में इस बार 664 मिमी बारिश हुई है, जो 2015 से अब तक के 10 सालों में सर्वाधिक है। मौजूदा पूरे सीजन की बात करें तो अभी तक 1,236 मिमी बारिश हो चुकी है।

